ग्रामीण मीडिया की जनहित में एक नई पहल, चले ग्राम की ओर के पहले पड़ाव में दो पूर्व विधायक मनीराम बारंगे और अशोक कड़वे के गृह ग्राम डहुआ में ग्राम पंचायत भवन के सामने ग्रामीण मीडिया के माध्यम से ग्रामवासिओ से सीधे सीधे कैमरे पर ग्रामीणों से चर्चा। जिसमे शासन की जनकल्याण योजना पर ग्रामीणों की समीक्षा रिपोर्ट। जो इस विडिओ में देखे और कुछ जोड़ना है तो कमेंट्स बॉक्स में अनुशासित भाषा में लिखे और सुझाव दे। जय भारत
बैतूल में जिले भर के कम्प्यूटर आपरेटरों ने जिलाधीश बैतूल के माध्य से शासन को ज्ञापन सपा जिसमे नपा, जनपद पंचायत सहित अन्य विभागों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर 7 सूत्रीय मांगों को लेकर सामूहिक रूप से दो दिवसीय अवकाश पर चले गए। कंप्यूटर ऑपरेटरों ने अपने-अपने विभाग प्रमुखों को 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। नगर पालिका के कंप्यूटर ऑपरेटर प्रमोद गोहिते, अभय सिंह सिसोदिया, नरेंद्र सिंह ठाकुर, राजू साहू, संजय गुर्जर, राहुल पंवार, दीपक परिहार ने बताया समस्त विभागों के ऑपरेटर का नियमित पद सृजित करते हुए पहले से कार्यरत ऑपरेटरों को उसी विभाग में नियमित करने, प्रोग्राम मैनेजर, सहायक प्रोग्राम मैनेजर का पद स्वीकृत करने, समान कार्य समान वेतन देने सहित आदि मांगों को लेकर 12 और 13 तक अवकाश लिया है। 7 सूत्रीय मांगों को लेकर कंप्यूटर ऑपरेटरों ने लिया सामूहिक अवकाश कल बैतूल पहुंच ज्ञापन दिया।
बैतूल, गंज में जूते-चप्पल से भरे तीन मंजिला आहूजा एजेंसी के गोदाम में मंगलवार रात आग लग गई। आग बुझाने के लिए बुधवार दोपहर तक तीन बार टंकी को पुराना बाल मंदिर टंकी को भरकर 3 लाख लीटर पानी डाला गया, लेकिन आग रह-रहकर भड़कती रही। इमारत के भीतर से जूते-चप्पलों का मलबा बाहर फेंका गया जब आग शांत हुई। 3 लाख लीटर पानी भी 60 लाख का नुकसान होने से नहीं बचा सका। ऊंची इमारतों के फायर ऑडिट पर भी सवालिया निशान लग गए। नपा की ऊंची इमारतों की फायर इंतजामों की पड़ताल आगजनी से हवा-हवाई साबित हुई। आग बुझाने के लिए एयरफोर्स आमला, आठनेर नगर परिषद, सारनी नगरपालिका की एक-एक फायर ब्रिगेड बैतूल आई थी। बैतूल के तीन फायर वाहन भी आग बुझाने में लगाए गए। बैतूल के प्रत्येक फायर ने मंगलवार रात से बुधवार दोपहर तक पानी टंकी से आगजनी स्थल तक 14 से 15 राउंड लगाए। तब जाकर आग पर थोड़ा काबू पाया जा सका। मंगलवार रात 11 बजे लगी आग, बुधवार दोपहर 3 बजे बुझी मंगलवार रात 11 बजे के लगभग आग लगी। नपा फायर अमले को सूचना मिलने के बाद रात 11.30 बजे से आग बुझाने के प्रयास शुरू हुआ जो कि बुधवार दोपहर 3 बजे तक जारी रहे। 16 घंटे की मशक्कत के बाद भी जूते-चप्पल के ढेर से धुआं उठता रहा। ऊपरी माले का टीन क्रेन से हटाकर आग बुझाने पानी डाला गया। इन शर्तों पर दी जाती है निर्माण की एनओसी, नहीं हो रहा पालन 1 ऊंची इमारतों को भवन निर्माण की एनओसी सशर्त दी जाती है। शर्तों का पालन करवाने की बात पर जारी होने पर एनओसी दी जाती है। 2एनओसी लेने के बाद भवन मालिक इंतजाम नहीं करते और नपा इनका निरीक्षण कर जांच भी नहीं करती। 3ऊंची इमारत में आसपास फायर वाहनों के पहुंचने के इंतजाम होने चाहिए। 4प्रत्येक फ्लोर पर पानी केे इंतजाम होना चाहिए। 5यह इमारत किसी अन्य इमारत से सटी हुई नहीं होनी चाहिए। 6सीजफायर जैसे इंतजाम भवन में होने चाहिए। वायरिंग में शार्ट सर्किट हाेने के कारण लगी आग प्रत्यक्षदर्शी बंटी मोटवानी ने बताया गंज में चाेईथमल आहूजा की एजेंसी में शार्ट सर्किट होने के कारण आग लग गई थी। शार्ट सर्किट इस तरह हुआ कि वायरिंग जल गई और इससे आगजनी हो गई। चूंकी जूते-चप्पल, खड्डे और पैकिंग का प्लास्टिक बड़ी मात्रा में था इसलिए आग ज्यादा भड़क गई। सूत्रों की मानें तो जिस जगह इन्वर्टर रखा था उसी के समीप यह शार्ट-सर्किट हुआ। आग लगने वाले दिन ही आया था 12 लाख का माल जिस दिन आग लगी उसी दिन लगभग 12 लाख रुपए का माल आया था। उसी रात आग लग गई। इस माल के साथ पहले से रखा लगभग 50 लाख का माल भी जल गया।
जबलपुर । श्रमिक आदिवासी संगठन और पीड़ित पारधीयो की ११ साल लम्बी लड़ाई के बाद यह परिणाम आया| मामले में अलसिया पारधी के और से वकील राघवेन्द्र कुमार ने पैरवी की| सी बी आई कोर्ट जबलपुर की जज माया विश्वालाल ने फैसला आज सुनाया| सी बी आई द्वारा पारधी कांड में बोन्द्रू दंपत्ति की हत्या के मामले में दर्ज मामले में आज सी बी आई सत्र न्यायालय जबलपुर ने पूर्व के आरोपियों के अतिरिक्त पूर्व विधायक सुखदेव पानसे, भाजपा नेता राजा पंवार, कचरू सरपंच, सुरेश सरपंच, विजय डाक्टर, संदीप साबले, उमेश डांगे एवं तत्कालीन एसडीओपी डी. एस. साकल्ले के विरुद्ध प्रथम दृष्टया हत्या में शामिल होने का आरोपी मानकर समस्त आरोपियों को सम्मन द्वारा आहूत किए जाने का आदेश जारी किया है। प्रकरण में अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को है। उपरोक्त प्रकरण में पीड़ित पारधी समूह की तरफ से फरियादी अलसिया पारधी ने पूर्व में माननीय सी बी आई न्यायालय के समक्ष आरोप लगाया था कि सी बी आई ने जानबूझ कर प्रभावशाली आरोपियों को बचाने के लिए घटना के चक्षुदर्शी पारधी सदस्यों के बयान डायरी में दर्ज करने के बावजूद भी उनके बयान कोर्ट में पेश नहीं किया था। अलसिया पारधी के उक्त आवेदन को स्वीकार करते हुए सी बी आई कोर्ट ने डायरी में दर्ज गवाहों को कोर्ट साक्षी के बतौर गवाही देने बुलाया। कोर्ट में बयान और प्रतिपरीक्षण के दौरान पारधी चक्षुदर्शी गवाहों ने उपरोक्त अतिरिक्त आरापियों के विरूद्ध बोन्द्रू दंपत्ति की हत्या व बलात्कार की घटना स्वतः कारित करने, दुष्प्रेरित करने व साक्ष्य प्रभावित करने के आरोप लगाए। तत्पश्चात एक बार पुनः अलसिया पारधी ने सी बी आई कोर्ट के समक्ष उपरोक्त आरोपियों को भी प्रकरण में आरोपी बनाए जाने का आवेदन किया। मामले में बयान और प्रतिपरीक्षण के आधार पर उद्भूत साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए माननीय सी बी आई कोर्ट ने उपरोक्त अतिरिक्त आरोपियों को प्रथम दृष्टया आरोपी माना है।
मुलताई विधानसभा में अब गुंडा राज चरम पर है। हाल ही मामला संज्ञान में आया है ।
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ग्राम बाड़ेगाव और खेडलीबाजर रोड के जोड़ पर 10 सितम्बर 2018 रात 7 से 7.30 बजे के बीच मोटर साइकिल से बाड़ेगाव से करपा जा रहे। मनोज विश्वकर्मा और शुभम, जो कि रिश्ते से चाचा और भतीजे हैं, पर चलती मोटर साईकल पर हमला किया।ग्रामीण मीडिया को घायल के परिवार वालों ने बताया की दोनों गाडीसे अपने गांव लौट रहे थे सुबह कुछ लोगों से इनका झगड़ा हुआ था जब वे गाड़ी मोटरसाइकिल से आरहे थे तब उन्हें पहले कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थर मारा और गाड़ी से गिरा दिया इसके बाद उन्हें लाठियों से बेरहमी से पीटा गया और मृत समझ कर खेत मे फेक कर चले गए। वर्तमान में घयलों का इलाज नागपुर में चल रहा है। भतीजा शुभम कोमा में है। मुलताई पुलिस ने आईपीसी की धारा 294,324 और 506 में प्रकरण दर्ज किया। ग्रामीण मीडिया सेण्टर मुलताई के पास फोटो और वीडियो है। इन दोनों घायल का। नियम से धारा 307 लगना चाहिए। हमने घयलों के परिवार जन से बात की जिसे आप नीचे वीडियो में देख सकते है।
मुलताई से पक्षपात, हमसे छोटे स्थान जिले बने, मुलताई नहीं, ताप्ती और नर्मदा में भेदभाव
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मुलताई में आज मुख्यमंत्री की सभा के पहले मुलताई वासियों में उम्मीद जागी थी की आज मुलताई में जिला बनाने की घोषणा हो सकती है| ग्रामीण मीडिया को भी कल सूत्रों से ज्ञात हुआ था परन्तु ऐसा नहीं हुआ| पुनः माननीय मुख्यमंत्री मुलताई को बिना जिला बनाये चले गए| ग्रामीण मीडिया ने जब इस विषय में जाँच पड़ताल की और मुलताई की अधिवक्ताओं से बात की और हालही में मध्यप्रदेश में बने 52 वें जिले निवाड़ी की जानकारी देखि तो पाया यहां की जनसंख्या (२०११ ) 20711 है जबकि मुलताई की जनसंख्या इसे ज्यादा(2011 में) 29976 है जो तक़रीबन अब ज्यादा होगी और जिला बनाया जाये तो आमला, प्रभातपट्टन को तहसील के रूप में मिलाने के बाद जनसंख्या लगभग 8 लाख से ज्यादा होगी\ इस हिसाब से मुलताई से छोटे 18 जिले हैं| इसके बाद यदि पंचायतों की बात की जाये तो मुलताई को जिला बनाने के बाद इसमें 200 से अधिक पंचायतें होंगी वंही निवाड़ी में 138 पंचायतें ही है| मुलताई में आज अलग अलग संगठनों ने जिला बनाने को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जिसमे मुख्य रूप से ग्रामीण मीडिया ने मुलताई के अभिभाषक संघ ने बातचीत की वीडियो देखें|
मुलताई में आज शिवराज सिह चौहान मुख्यमंत्री,मध्यप्रदेश की जनआशीर्वाद यात्रा पहुंची जहाँ सभा को स्वयं मुख्यमंत्री ने सम्बोधित किया| यह सभा शर्मसार तब हुई जब सभा में उपस्तिथ छात्राओं की चुन्नी यह कहकर उतरवा ली गई की यह काली चुन्नी है, यह बात यहीं ख़त्म नहीं हुई| इन छात्राओं ने जब सभा के बाद अपनी चुन्नी मांगी तो उन्हें मुलताई थाने भिजवा दिया गया, जहाँ छात्राओं को पुनः बोला गया की वहीं कार्यक्रम स्थल जाये पुनः आपकी चुन्नी वहीँ मिलेगी|
हमारे समाज में कोई भी धर्म क्यों ना हो महिलाओं को पूर्ण सम्मान मिलने की बात होती है\ माननीय मुख्य मंत्री इन बच्चियों को बचाने और पढ़ाने की बात करते हैं इन्हे भांजियों का दर्जा भी देदिया और ऐसे में छात्रों की चुन्नी बीच सभा में यह कहकर कर उतरवा लेना की यह काली है और इन बच्चियों को फिर नगर भ्रमण कर बिना चुन्नी के थाने भेजना और वहाँ भी चुन्नी नहीं मिलना शर्मसार घटना है| ग्रामीण मीडिया ने जब इन छात्राओं को थाने देखा तब हमे पता चला की माजरा क्या है|
यह छात्राएं BSW( Bachelor of Social Work) की थी जो आज अपनी कॉलेज ड्रेस में सभा में मुख्यमंत्री के भाषण सुनने आयी थी| इनके ड्रेस कोड में काली चुन्नी भी शामिल है| जब सुरक्षा कर्मियों की नज़रें इन पर पड़ी तो इन बालिकाओं से कहा गया की आप यह चुन्नी उतारकर हमे देदें छात्राओं ने बात का पालन किया और चुन्नी अपने बेग में रखली| सुरक्षा कर्मियों ने मुख्यमंत्री के आते है यह चुन्नी इनसे लेली और सभा के बाद देने को कहा, परन्तु सभा ख़त्म होने के बाद भी यह चुन्नी इन्हे नहीं दी गई| ये छत्राएं नगर से बिना चुन्नी के गुजरते हुए कहे अनुसार मुलताई पुलिस थाने अपनी चुन्नी लेने पहुंची, परन्तु वहां भी इन्हे चुन्नी नहीं दी गई और पुनः कार्यक्रम स्थल पर जाने को कह दिया गया| ग्रामीण मीडिया ने इन बालिकाओं से बातचीत की वीडियो देखें -
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किसी बालिका से सभा में चुन्नी उतरवाना क्युकी वह काली थी यह नेताओं और प्रशासन में कैसा डर| कार्यक्रम के बाद भी उनकी चुन्नी नहीं देना ुयह कैसी मदद| वो तो गनीमत थी की किसी महिला ने काली साडी नहीं पहनी थी|
सभा में बदसलूकी का मामला यहीं नहीं रुका विपक्ष कांग्रेस की महिलाओं राजरानी परिहार और अन्य को भी सुरक्षा के चलते सभा के पहले ही थाने भिजवा दिया गया| जिन्हे सभा के बाद जाने की इजाजत मिली|
सभा के पहले मुलताई में ही 300 लोगों को भी हिरासत में लेलिया गया| आज मुलताई में उत्तर कोरिया जैसी तानशाही का आलम नज़र आया|
गौरतलब हो ग्रामीण मीडिया प्रशासन की तारीफ करता है पुलिस बल की तारीफ करता है की उन्होंने इतनी अच्छी सेवा दी और कार्यक्रम सफल बनाया पर बालिकाओं की चुन्नी लेना और महिलाओं से बदसलूकी कर उन्हें थाने में बैठाने की निंदा करता है|