विधान सभा चुनाव की सरगर्मी अब बहुत तेज हो चुकी है। मुलताई विधान सभा क्षेत्र में एक साथ दो भाजपा के भावी दावेदार विधायक चंद्रशेखर देशमुख और राजा पवार चुनाव प्रचार में लगे है। दोनों में गुरु और चेले का आत्मीय रिश्ता है। अभी तक इस रिश्ते को निभा रहे है। कांग्रेस पार्टी की टिकिट तो लगभग तय है। भाजपा ने अपने पत्ते अभी नहीं खोले है। सब असमंजस में है। नया चेहरा, पुराना या कोई अन्य।
उपरोक्त हालत को देखते हुए। मुलताई में वर्तमान विधायक और राजा पवार एक साथ भाजाप के कमल निशान और आप पार्टी के झाड़ू निशान का एक साथ गांव गांव में प्रचार करते इस फोटो में दिखाई दे रहे है। ये राजनीति है कुछ भी हो सकता है. गौर से देखे बैनर पर कमल को साइकिल वाले के कंधे पर आप पार्टी की झाड़ू। ये राजनीति है। राजा भाई एक बार गुफराने आजम का जमाने में कांग्रसे से भी विधान सभा लड़ चुके है। उसके बाद काफी समय से भाजपा में है। आगे एक रहा आप की या स्पाक्स की भी हो सकती है। वे जनता का मन टटोल रहे है। कही देशमुख जी की टिकिट कट गई तो दोनों मिलकर भी पुराने वादे को पूरा कर सकते है। कमल और झाड़ू है अभी एक साथ
नेशनल हाईवे पर शुक्रवार रात 8 बजे उभरिया-बानुर जोड़ के बीच कार और ट्रैक्टर में भिड़ंत हो गई। घटना में कार में सवार मामा-भांजा घायल हो गए। टक्कर इतनी जोर से हुई की कार के सामने का हिस्सा के परखच्चे उड़ गए। वहीं ट्रैक्टर के भी दो टुकड़े हो गए। रामाकाना (सौंसर) निवासी अनिल जायसवाल (70) भांजे नागपुर निवासी अशोक पिता ब्रजकिशोर के साथ से कार से बैतूल से नागपुर जा रहे थे। रामाकोना निवासी गोलू रुंगे कार चला रहा था। हाईवे पर अचानक सामने से ट्रैक्टर आ गया और भिड़ंत हो गई। घटना में अनिल जायसवाल, अशोक और गोलू घायल हो गए। सूचना पर 108 के ईएमटी मनोज साबले और सुधाकर फाटे मौके पर पहुंचे। घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। अनिल जायसवाल के पैर, सिर और आंख, अशोक के नाक और आंख पर चोट आई। गोलू को हल्की चोट आई। अनिल और अशोक को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रैफर किया।
चेक में ओवर राइटिंग कर राशि निकालने वाले 5 पत्रकारों और सचिव को 4 साल की कैद
ग्राम पंचायत रमली के सरपंच से चेक लेकर की थी ओवर राइटिंग, अर्थदंड की राशि ग्राम पंचायत को दिए जाने के आदेश
ग्राम पंचायत रमली सरपंच की बिना अनुमति से शुभकामनाओं का विज्ञापन लगाकर आमला के 5 पत्रकारों ने सचिव के साथ मिलकर चेक जारी कराए थे। पत्रकारों ने चेक में ओवर राइटिंग कर अधिक राशि का आहरण कर लिया। इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कृष्णदास महार ने धोखाधड़ी करने वाले पांचों पत्रकारों और रमली सचिव को चार-चार साल के कारावास की सजा सुनाई। सरकारी वकील राजेश साबले के अनुसार 7 जून 2010 को ग्राम पंचायत रमली की सरपंच गंगा बाई की अनुमति के बिना शुभकामनाओं के संदेश के विज्ञापन का बिल भुगतान आमला निवासी पत्रकार राकेश शर्मा, दिलीप पाल, वीरेंद्र बर्थे, जितेंद्र शर्मा, दिलीप चौकीकर ने सचिव हेमंत सातपुते से मिलकर मनरेगा योजना के तहत चेक जारी करा लिए थे। सरपंच की शिकायत पर जनपद पंचायत आमला के पंचायत निरीक्षक एनके मीणा ने जांच की। जांच में सचिव हेमंत द्वारा पत्रकारों के साथ मिलकर सरपंच गंगाबाई के फर्जी हस्ताक्षर कर शासकीय राशि का गबन करना पाया गया। पंचायत निरीक्षक की शिकायत पर पुलिस ने पांचों पत्रकार और सचिव के खिलाफ षडयंत्र पूर्वक धोखाधड़ी करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया था। न्यायाधीश कृष्णदास महार ने इस प्रकरण में पांचों पत्रकार और सचिव को धारा 420 में 4-4 साल के सश्रम कारावास 15-15 हजार रुपए जुर्माना, धारा 120 बी में 1-1 साल के कारावास और 5-5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। आरोपियों द्वारा अर्थदंड की राशि जमा करने पर उक्त राशि ग्राम पंचायत रमली को हुए नुकसान को देखते हुए पंचायत को देने के आदेश दिए हैं। पत्रकारिता जैसे पवित्र कार्य को किया दूषित न्यायाधीश कृष्णदास महार ने फैसले में उल्लेख किया है पत्रकार और मीडिया संविधान का स्तंभ है। उनसे अपेक्षा रहती है वे देश की आमजनता को जागरूक करने वाले समाचार पत्रों में निष्पक्ष एवं सही खबरों का प्रकाशन करे। जिससे आमजनता लाभांवित हो सके। आरोपी पत्रकारों ने ऐसा नहीं करते हुए पत्रकारिता जैसे पवित्र कार्य को दूषित करते हुए पंचायत सचिव के साथ मिलकर षडयंत्र रचकर छल कारित किया है। इन परिस्थितियों में आरोपी पत्रकार दया के पात्र नहीं है। इस लिए दंड उचित है।
मुलताई से ग्रामीण मीडिया के लिये पाश खान की रिपोर्ट पवित्र नगर मुलताई में वर्षो से गांधी वार्ड,नेहरू वार्ड में कुम्हार मोहल्ले में मस्जिद की दीवार और आवागमन के रास्ते में माँ दुर्गा जी की प्रतिमा का निर्माण होता आ रहा है। बड़ी संख्या में मुस्लिम भाई स्थानीय नमाज के लिये आते-जाते है। एक दूसरे की भावना के सम्मान जो शब्दो में नही लिखा जा सकता है। बस यही कहा जा सकता है कि , सारे जहा से अच्छा हिंदुस्तान हमारा-------
ग्रामीण मीडिया को श्रीमती रेखा राजेन्द्र शिवहरे का पार्षद और न.प.उपाध्यक्ष पद से त्याग पत्र की जानकारी मिली। आम तौर पर, ये एक सामान्य प्रक्रिया है। कई निर्वाचित जन प्रतिनिधि कई कारणों से पद से त्याग पत्र देते है। इसके नियम है, जैसे कि पार्षद और उपाध्यक्ष पद से इस्तीफे के लिये इनको म.प्र. राजपत्र (असाधरण) दिनांक 30 मई 1994 के तहत जिसका सविस्तार जानकारी नगरपालिका अधिनियम (धारा 40) के अनुसार देना था। ये एक संवैधानिक पद है। निर्वाचन का प्रमाण पत्र अनुविभागीय अधिकारी/निर्वाचन अधिकारी बहुमत से चुनाव के बाद देता है। त्याग पत्र उससे उच्च पद के अधिकारी को सादे कागज पर नियमानुसार देते है। स्वीकृति उपरान्त राजपत्र में प्रकाशन और फिर से उस पद का चुनाव होता है।
इस त्याग पत्र में संगठन के जिला अध्यक्ष को दिया गया है। नियमानुसार गलत है। कानूनी रूप से सरल उदाहरण से समझे जैसे की आप के घर में चोरी होती है तो नियम से सम्बंधित क्षेत्र के पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट होती है। बाद में पुलिस नियम से कार्यवाही करती है। अगर आप जानकर पोस्ट आफिस में या पार्टी, राजनीती के संगठन में सुचना देगे और न्याय की आशा लगाए तो क्या होगा। ठीक उक्त में भी ये त्याग पत्र समाचार तो बन सकता है। स्वीकृत नही होगा। जय जय श्री राम
भाजपा की नगर पालिका परिषद में ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच तालमेल नहीं बैठ रहा है। नपा उपाध्यक्ष रेखा शिवहरे ने नपाध्यक्ष हेमंत शर्मा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बुधवार को पद से इस्तीफा देने का पत्र जिलाध्यक्ष बाबा माकोड़े को भेजा। उपाध्यक्ष रेखा शिवहरे ने बताया वह इंदिरागांधी वार्ड से पार्षद हैं। उनके वार्ड में कोई विकास कार्य नहीं किए जा रहे हैं। नपा कार्यालय में महिला जनप्रतिनिधि के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। नपाध्यक्ष उनके खिलाफ नपा के कर्मचारी से झूठी शिकायत करा चुके हैं। नपा की बैठक में भी उन्हें बुलाया नहीं जाता। वर्ष 2009 में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार बतौर नपा अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था तभी से हेमंत शर्मा राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रखते हैं। उपाध्यक्ष पद से हटाने कई बार कोशिश कर चुके हैं। रेखा शिवहरे ने कहा वह नपाध्यक्ष और सीएमओ राहुल शर्मा द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हो सकती हैं और न ही भ्रष्टाचार होते हुए देख सकतीं। भ्रष्टाचार के संबंध में सांसद, विधायक और संगठन मंत्री को भी शिकायत की थी। कलेक्टर से भी शिकायत की, लेकिन अभी तक निराकरण नहीं हुआ। इन सभी कारणों के चलते वह अपना इस्तीफा पार्षद और उपाध्यक्ष पद से संगठन के माध्यम से दे रही हैं।
नपाध्यक्ष ने कहा छवि धूमिल करने की कोशिश
नपा उपाध्यक्ष रेखा शिवहरे द्वारा लगाए गए आरोपों और इस्तीफे के संबंध में नपाध्यक्ष हेमंत शर्मा से प्रतिक्रिया ली तो नपाध्यक्ष ने कहा उपाध्यक्ष द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार सहित अन्य आरोप निराधार हैं। परिषद नगर में विकास कार्य कर रही है। सभी पार्षदों के साथ मिलकर विकास कार्य किए जा रहे हैं। जिससे नगर में पार्टी की छवि अच्छी बन रही है। इन सब कारणों को देखते हुए उपाध्यक्ष आरोप लगा रही हैं।