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Wednesday, 3 January 2018

मध्यप्रदेश में तम्बाकू उपयोग में 5 प्रतिशत की गिरावट-स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंह

ग्रामीण मीडिया सेण्टर|जनसम्पर्क बैतूल 



स्वास्थ्य मंत्री द्वारा वैश्विक वयस्क तम्बाकू सर्वेक्षण रिपोर्ट का विमोचन   

मध्यप्रदेश में गुटका, बीड़ी-सिगरेट, खैनी आदि के प्रयोग में 5 प्रतिशत की कमी आयी है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रुस्तम सिंह ने आज ग्लोबल एडल्ट टोबेको सर्वे-2 वर्ष 2016-17 की मध्यप्रदेश रिपोर्ट का विमोचन करते हुए यह जानकारी दी। पहला सर्वेक्षण वर्ष 2009-10 में हुआ था, जिसमें तम्बाकू सेवन करने वालों का प्रतिशत 39.5 था, जो वर्ष 2016-17 में 34.2 हो गया। इसी तरह, धूम्रपान का प्रतिशत 16.9 से कम होकर 10.2 और धूम्ररहित तम्बाकू का सेवन का प्रतिशत 31.4 से घटकर 28.1 रह गया है।
छात्रों को तम्बाकू के विरुद्ध करें जागरूक
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि स्कूल और कॉलेज छात्र-छात्राओं को नियमित रूप से तम्बाकू के खतरों से आगाह करते हुए जागरूक करें। स्कूल के प्राचार्य और अध्यापक विशेष रूप से 6वीं, 7वीं और 8वीं के बच्चों को हर दिन किसी न किसी रूप में इस बुरी आदत के नुकसानों को बतायें। अगर किशोरावस्था में ही इस बुराई पर काबू कर लिया गया, तो इसके अच्छे परिणाम मिलेंगे।
जुर्माना राशि बढ़े
श्री सिंह ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान में कमी आयी है लेकिन इस पर होने वाले जुर्माने की राशि 200 रुपये से बढ़ाकर कम से कम एक हजार रुपये की जानी चाहिये। यदि अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चों में कोई बुरी लत न हो, तो पहले वे खुद मिसाल बनें। इसी तरह, वरिष्ठ अधिकारी भी कर्मचारियों के सामने उदाहरण पेश करें।
धूम्रपान और तम्बाकू से होती हैं बड़ी बीमारियाँ
कार्यक्रम में बताया गया कि धूम्रपान से न केवल मुँह और फेफड़े का कैंसर, बल्कि लकवा, डायबिटीज और ह्रदय रोग भी होते हैं। मुख कैंसर का सबसे ज्यादा शिकार 25 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा होते हैं, जो अपना भविष्य सँवारने के बजाय रोग और गरीबी से जूझने लगते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक श्री एस. विश्वनाथन ने बताया कि बीमारियों की वजह से 7 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग एम्स के साथ मिलकर ओरल कैंसर का सर्वे करेगा।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय सलाहकार श्री प्रवीण सिन्हा ने कहा कि तम्बाकू के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम मध्यप्रदेश के 16 जिलों में चल रहा है। इसे सभी जिलों में चलाया जाना चाहिये। मध्यप्रदेश देश के सर्वाधिक प्रभावित 6 राज्यों में से एक है। प्रदेश के 50 प्रतिशत पुरुष और 17 प्रतिशत महिलाएँ तम्बाकू का उपयोग करते हैं।
संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. बी.एन. चौहान, डॉ. मुकेश सिन्हा, डॉ. बी.एम श्रीवास्तव और विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रदेश के दंत चिकित्सक, स्वयंसेवी संगठन और चिकित्सक मौजूद थे
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सावित्रीबाई फूले व जयपाल सिंह मुंडा जी के जन्मदिन पर संघगोश्ठी

ग्रामीण मीडिया सेण्टर| मुलताई 

भगतसिंह वार्ड में  आदिवासी युवा सगा समाज मुलताई द्वारा सावित्रीबाई फूले व जयपाल सिंह मुंडा जी के जन्मदिन पर संघगोश्ठी की और हर्षोल्लाश के साथ याद किया| समाज द्वारा इन महान व्यक्तित्व के बारे में अपने बच्चों को भी जानकारी दी गई| समाज द्वारा बताया गया 

जयपाल सिंह मुंडा-
जयपाल सिंह मुंडा (3 जनवरी 1903 – 20 मार्च 1970)[1] भारतीय आदिवासियों और झारखंड आंदोलन के एक सर्वोच्च नेता थे। वे एक जाने माने राजनीतिज्ञ, पत्रकार, लेखक, संपादक, शिक्षाविद् और 1925 में ‘ऑक्सफोर्ड ब्लू’ का खिताब पाने वाले हॉकी के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी थे। उनकी कप्तानी में १९२८ के ओलिंपिक में भारत ने पहला स्वर्ण पदक प्राप्त किया।जयपाल सिंह छोटा नागपुर (अब झारखंड) राज्य की मुंडा जनजाति के थे। मिशनरीज की मदद से वह ऑक्सफोर्ड के सेंट जॉन्स कॉलेज में पढ़ने के लिए गए। वह असाधारण रूप से प्रतिभाशाली थे। उन्होंने पढ़ाई के अलावा खेलकूद, जिनमें हॉकी प्रमुख था, के अलावा वाद-विवाद में खूब नाम कमाया।
उनका चयन भारतीय सिविल सेवा (आईसीएस) में हो गया था। आईसीएस का उनका प्रशिक्षण प्रभावित हुआ क्योंकि वह 1928 में एम्सटरडम में ओलंपिक हॉकी में पहला स्वर्णपदक जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान के रूप में नीदरलैंड चले गए थे। वापसी पर उनसे आईसीएस का एक वर्ष का प्रशिक्षण दोबारा पूरा करने को कहा गया (बाबूगीरी का आलम तब भी वही था जो आज है!)। उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।उन्होंने बिहार के शिक्षा जगत में योगदान देने के लिए तत्कालीन बिहार कांग्रेस अध्यक्ष डा. राजेन्द्र प्रसाद को इस संबंध में पत्र लिखा. परंतु उन्हें कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला. 1938 की आखिरी महीने में जयपाल ने पटना और रांची का दौरा किया. इसी दौरे के दौरान आदिवासियों की खराब हालत देखकर उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया.1939 जनवरी में उन्होंने आदिवासी महासभा की अध्यक्षता ग्रहण की जिसने बिहार से इतर एक अलग झारखंड राज्य की स्थापना की मांग की। इसके बाद जयपाल सिंह देश में आदिवासियों के अधिकारों की आवाज बन गए। उनके जीवन का सबसे बेहतरीन समय तब आया जब उन्होंने संविधान सभा में बेहद वाकपटुता से देश की आदिवासियों के बारे में सकारात्मक ढंग से अपनी बात रखी।

सावित्रीबाई फुले 
का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। इनके पिता का नाम खन्दोजी नेवसे और माता का नाम लक्ष्मी था। सावित्रीबाई फुले का विवाह 1840 में ज्योतिबा फुले से हुआ था।सावित्रीबाई फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक थीं। महात्मा ज्योतिबा को महाराष्ट्र और भारत में सामाजिक सुधार आंदोलन में एक सबसे महत्त्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में माना जाता है। उनको महिलाओं और दलित जातियों को शिक्षित करने के प्रयासों के लिए जाना जाता है। ज्योतिराव, जो बाद में ज्योतिबा के नाम से जाने गए सावित्रीबाई के संरक्षक, गुरु और समर्थक थे। सावित्रीबाई ने अपने जीवन को एक मिशन की तरह से जीया जिसका उद्देश्य था विधवा विवाह करवाना, छुआछूत मिटाना, महिलाओं की मुक्ति और दलित महिलाओं को शिक्षित बनाना। वे एक कवियत्री भी थीं उन्हें मराठी की आदिकवियत्री के रूप में भी जाना जाता था।

'सामाजिक मुश्किलें

वे स्कूल जाती थीं, तो विरोधी लोग पत्थर मारते थे। उन पर गंदगी फेंक देते थे। आज से 160 साल पहले बालिकाओं के लिये जब स्कूल खोलना पाप का काम माना जाता था कितनी सामाजिक मुश्किलों से खोला गया होगा देश में एक अकेला बालिका विद्यालय।

महानायिका

सावित्रीबाई पूरे देश की महानायिका हैं। हर बिरादरी और धर्म के लिये उन्होंने काम किया। जब सावित्रीबाई कन्याओं को पढ़ाने के लिए जाती थीं तो रास्ते में लोग उन पर गंदगी, कीचड़, गोबर, विष्ठा तक फैंका करते थे। सावित्रीबाई एक साड़ी अपने थैले में लेकर चलती थीं और स्कूल पहुँच कर गंदी कर दी गई साड़ी बदल लेती थीं। अपने पथ पर चलते रहने की प्रेरणा बहुत अच्छे से देती हैं।

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वाहन की टक्कर से बाइक सवार घायल

ग्रामीण मीडिया सेण्टर|मुलताई


बैतूल रोड क्षेत्र में गुरुकृपा रेस्टाॅरेंट के सामने रात 7.30 बजे अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल पहुंचाया। मोरखा निवासी पवन बिहारे और अभिषेक रघुवंशी बाइक से बैतूल से मुलताई की ओर आ रहे थे। पीछे से आ रहे वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। जिससे दोनों गिरकर घायल हो गए। पवन और अभिषेक को सिर, हाथ, पैर में गंभीर चोट आने से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रैफर किया गया। www.graminmedia.com

मैं जिंदा हूं, मृत दर्शाकर राजस्व रिकार्ड में जमीन कर दी अनजान लोगों के नाम

ग्रामीण मीडिया सेण्टर| मुलताई 


मैं अजाबराव माली हूं, आपके सामने जीवित खड़ा हूं। इसके बाद भी राजस्व रिकार्ड में मुझे मृत दर्शाकर मेरे स्वामित्व की जमीन को अनजान लोगों के नाम से दर्ज कर दी है। मेरी जमीन पर जिन लोगों के नाम राजस्व रिकार्ड में दर्ज हुए हैं, उन्हें मैं जानता तक नहीं। अब आप ही मेरी समस्या का समाधान करो। यह बात गुरुसाहब वार्ड निवासी किसान अजाबराव माली ने एसडीएम राजेश शाह से शिकायत करते हुए कही। अजाबराव माली ने बताया राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने मेरे जीवित रहने के बाद भी मुझे मृत घोषित कर दिया। अजाबराव ने बताया मुलताई पटवारी हल्का नंबर 26 में उसकी खानदानी जमीन 0.383 हेक्टेयर है। वह इस जमीन पर कृषि कार्य करता है। बैंक से ऋण लेने के लिए लोकसेवा केंद्र में जमीन के खसरा-बंदी, नक्शे की नकल निकाली। नकल निकालने पर पता चला उसके स्वामित्व की भूमि पर 22 जून 2012 को तहसीलदार मुलताई ने संशोधित पंजी में उसे फौत बताकर वारसान बतौर पांच लोगों के नाम दर्ज कर दिए हैं। मेरे नाम के स्थान पर मीना बेवा जयंत, तनु, योगेश, आशा का नाम दर्ज हो गया। जिन लोगों के नाम दर्ज हुए हैं, वह उन्हें जानता भी नहीं है। अजाबराव ने इस समस्या से कृषक फ्डरें्स क्लब के राजेंद्र भार्गव को अवगत कराया। 
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शतचंडी महायज्ञ के लिए हुआ ध्वज पूजन

ग्रामीण मीडिया सेण्टर|मुलताई 


मासोद रोड पर स्थित ज्ञानेश्वर शिव मंदिर परिसर में होने वाले शतचंडी महायज्ञ के लिए बुधवार को ध्वज पूजन हुआ। साधकों ने सुबह भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक करने के बाद शतचंडी महायज्ञ के लिए ध्वज का पूजन किया। आचार्य पं.संजय जोशी, पं.ललित चौबे और पं. दीपक व्यास ने ध्वज पूजन संपन्न कराया। विधायक चंद्रशेखर देशमुख, जिपं सदस्य राजा पंवार, एनआर धोटे, विजय शुक्ला, सुरेश अग्रवाल, नरेंद्र खंडेलवाल, चिंटू खन्ना सहित अन्य श्रद्धालुओं ने ध्वज का पूजन किया। इसके साथ महायज्ञ को लेकर तैयारियां शुरू हो गई। आचार्य जोशी ने कहा गुप्त नवरात्र में यज्ञ अनुष्ठान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। यज्ञ से मोह, माया और बुराईयों का नाश होता है। साधक विनोद ठाकरे, घनश्याम सोनी ने बाताया 17 जनवरी को चुनरी यात्रा निकाली जाएगी। 18 जनवरी से पंचकुंडीय शतचंडी महायज्ञ शुरू होगा।  

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चक्कर आने से किसान कुएं में गिरा, भर्ती

ग्रामीण मीडिया सेण्टर| बैतूल


कोतवाली थाने कुप्पा गांव में खेत में सिंचाई करने के दौरान किसान चक्कर आने से कुएं में गिर गया। ग्रामीणों ने उसे कुएं से निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस के अनुसार अजीत परते 23 वर्ष खेत में सिंचाई करने गया था। सिंचाई के दौरान इंजन बंद हो गया। जिसे देखने वह कुएं के पास गया। इसी दौरान उसे चक्कर आ गया। जिससे वह कुएं में गिर गया।

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मोबाइल पर देखी थी फिल्म इसके बाद किया गैंगरेप

ग्रामीण मीडिया सेण्टर|बैतूल
फालोअप 

साईंखेड़ा थाना क्षेत्र की युवती के साथ गैंगरेप करने वाले आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों आरोपी बलिराम धुर्वे और राजेश काकोड़िया को जेल भेज दिया। रविवार रात गैंगरेप की शिकार युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपी राजेश काकोड़िया ने बताया घटना के दो दिन पहले मोबाइल में इंटरनेट पर फिल्म देखी थी। जिसके कारण हमने यह कदम उठा लिया। थाना प्रभारी केआर सिलाले ने आरोपियों को जेल भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।

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