मुलताई| नेशनल हाईवे पर स्थित बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रही दिव्यांग युवती के साथ एक युवक छेड़छाड़ कर भाग गया। दिव्यांग युवती ने छेड़छाड़ करने वाले युवक की थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। युवती ने पुलिस को बताया वह सुबह मुलताई आने के लिए बस स्टॉप पर खड़ी थी। इस दौरान चिखलीखुर्दनिवासी सोनू वहां पहुंचा और उसका हाथ पकड़कर मुंह दबाकर छेड़छाड़ करने लगा। चिल्लाने पर सोनू भाग गया। पुलिस ने सोनू के खिलाफ छेड़छाड़ करने का केस दर्जकिया है। www.graminmedia.com
बैतूल कोठी बाजार के प्रसिद्ध ज्वेलर्स व्यापारी की सीए बहू का शव शनिवार दोपहर 2 बजे घर में फांसी पर लटका मिला। उसके आत्महत्या करने की आशंका है। मामला संदिग्ध है। सही जानकारी रायपुर से मायके पक्ष के लोगों के आने के बाद होगी। देर रात उनके पहुंचने की संभावना थी। परिजन उसे फंदे से उतारकर एक निजी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर लिया। इसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में लड़की के मायके पक्ष के लोगों ने बाडी का पीएम उनके आने पर ही करने को कहा। रविवार सुबह तीन डॉक्टरों की टीम पीएम करेगी। इसके बाद मौत का सही कारण सामने आएगा। मामला अभी संदिग्ध है, लड़की के मायके वालों के आने के बाद ही कुछ खुलासा हो सकता है।
कोठी बाजार स्थित न्यू मामाजी ज्वेलर्स के संचालक राजू तातेड़ की बहू नेहा पति अनिरुद्ध तातेड़ (28) दोपहर को घर में अकेली थी। परिवार के लोग दुकान पर थे। इस बीच उसने फांसी लगा ली। परिवार के लोग घर पहुंचे। उसे फंदे से उतारकर प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके बाद परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। जिला अस्पताल में परिजनों ने मौत का कारण अटैक बताया। घटना को लेकर शहर में चर्चाएं है। मौत किन परिस्थितियों में हुई। इसका खुलासा अभी तक नहीं हुआ। संपन्न परिवार की बहू होने के बाद ऐसा कदम क्यों उठाया यह जांच का विषय है। इधर टीआई राजेश साहू ने बताया लड़की के मायके पक्ष के आने बाद पीएम किया जाएगा। मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
एक साल पहले हुए थी शादी
नेहा की शादी एक साल पहले ही अनिरुद्ध से हुई थी। नेहा के पिता रायपुर के प्रसिद्ध व्यापारी वीरेंद्र पारख हैं। चार्टर्ड एकाउंटेंट करने बाद नेहा रायपुर में सीए का कार्य कर रही थी। शादी के बाद अब बैतूल में भी सीए का कार्य करने वाली थी।
मायके वालों ने फोन पर पुलिस से कहा- हमारे आने पर करें पीएम
नेहा की मौत की खबर मिलने पर रायपुर से उसके मायके पक्ष के लोग बैतूल के लिए निकल गए। उन्होंने पुलिस से संपर्क कर पीएम उनके पहुंचने के बाद करने के लिए कहा है। इस कारण पुलिस ने जिला अस्पताल के मर्चूरी रूम में बाडी रख दी है। रविवार को तीन डॉक्टरों की टीम पीएम करेगी।
मृतिका का भाई बोला- सुसाइड करने की सूचना मिली है
मृतिका नेहा के भाई अभिषेक पारख ने मोबाइल पर हुई बात में बताया नेहा के सुसाइड करने की जानकारी मिली है। हम रायपुर से निकल गए हैं, बैतूल में सारी जानकारी लेने के बाद भी कुछ कहेंगे। अभी हमारा परिवार बात करने की स्थिति में नहीं है। रात 2 बजे बैतूल पहुंचेंगे, तभी कुछ कह सकेंगे।
आज 28 अप्रैल शनिवार श्री कृष्णा होटल बैतूल में विशाल सतपुड़ा उत्थान समिति के संस्थापक मनोज विष्ट और पत्रकार रामकिशोर पवार के प्रयास से कार्यशाला सम्पन्न हुई. मुलताई से राजेन्द्र भार्गव, अनिल सोनी एवं प्रभु सोनारे आर.टी.आई.एक्टिविस्ट ने उपस्थित प्रशिक्षार्थीओ के प्रश्नोत्तरी के संतुष्टी पूर्ण जबाब दिए। इस अवसर और मातोश्री डायरेक्टर डॉ शरद सुंदरम,संजय डफरे ,मालती बसोने लक्ष्मी नारायण साहू और जिले के अलग अलग ग्रामो से प्रशिक्षार्थीओ ने भाग लिया। www.graminmedia.com
आज शाम 5. 50 पर ग्राम शिरडी के पास एक स्क्रार्पियो जीप क्रमांक MP04BA7244 से दो बाईक की तेज गति से भिड़ंत हो गई। तीनो वाहन छतिग्रस्त हो गए। जिसमे से दो लोगों की मौत होगई और एक घायल है| पुलिस से प्राप्त जानकारी अनुसार दो बाइक MP 48 MF 8895 डिस्कवर व MP 48 MG 5397 हौंडा की मोटर साइकिल हिवरखेड़ की और से आ रहे थे तभी तेज गति स्कॉर्पियो से भिड़ंत हो गई | जानकारी अनुसार घटना में राजेश व् उमेश निवासी सोनोरा व् खेड़ीकोर्ट की मौत हो चुकी है व् राजकुमार घायल है| वर्तमान में शव परिक्षण हेतु आठनेर लेजाए गए है | मौके पर पुलिस बल आ चुका था। फोटो को देख करके अंदाज लगता है कि , दुर्घटना में और भी जख्मी होंगे। ग्रामीण मीडिया के पास अभी अधिक जानकारी नहीं मात्र फोटो में एक मोटर साइकिल के नम्बर से अंदाज लगा सकते है | शेष खबर आगामी सुचना मिलने पर प्रसारित होंगी। ग्रामीण मीडिया का आप सभी पाठकों से निवेदन कृपया वाहन धीरे चलाये ओर स्वयं के साथ दूसरों को भी सुरक्षित रखें।
सन 2009-10 में मध्यप्रदेश के राज्यस्तरीय सर्वोत्तम किसान पुरस्कार से सम्मानित, सन 2017 में राष्ष्ट्रीय कृषि पुरुष्कार से सम्मानित कृषक राजेन्द्र भार्गव जो वास्तव में पत्रकारिता से जुड़े है, ने वर्तमान में अपना मुख्य ध्यान केंद्र कृषि को बना रखा है। राजेन्द्र भार्गव ने अपने खेत को एक लेबोरेट्री की भांति अलग अलग प्रयोगों से सजा रखा है। यह खेत मुख्यमंत्री किसान तीर्थ खेत भी जन्हा अब अलग अलग राज्य से किसान खेती के गुर सीखने आते है। राजेन्द्र भार्गव मुख्य रूप से खेती को आधुनिकरण से जोड़ना चाह रहे है। वर्तमान में यदि हम बात करें तो इनके खेत पर अनेक प्रकार की तकनीक मौदजूद है जिसमे मुख्य रूप से हम बात करते है निम्न बिंदुओं पर
श्री भार्गव ने सबसे पहले अपने खेत को कैमरों के नजरों मर कैद कर रखा, वे जब चाहे तब अपने खेत को मोबाइल के माध्यम से लाइव देख सकते है।
उन्होंने अपने खेत मे गायों को नहलाने के लिए फोगर अर्थात छोटे छोटे शावर लगा रखे है जन्हा गाय दूध निकलने से पहले और सुबह नहाती है।
उन्होंने अपने खेत मे खेत की मोटर को मोबाइल से जोड़ रखा है वे मोबाइल से मोटर बंद और शुरू करलेते है साथ ही मोटर कितनी देर चली उसका रिकॉर्ड भी उनके मोबाइल में SMS के माध्यम से आता रहता है।
उन्होंने अपने खेत मे काम लागत का छोटा ग्रीन नेट हाउस बनाया है जिसके माध्यम से वे बिना मिट्टी का चारा भी उत्पादित करते है।
उनके पास गोहान धोने की भी पर्याप्त मशीन है जिसके साथ वे समय और पानी दोनो की बचत करलेते है।
उनके पास गायों के दूध निकालने की मशीन भी है जिसका रेकॉर्ड सीधे कंप्यूटर में वे सेव करलेते है।
वर्तमान में वे अपने मित्र के सहयोग से भूसा भरने की मशीन लाये है जिसके माध्यम से वे सीधे भूसा पाइप के माध्यम से गोडाउन में भर लेते है और समय काफी कम लगता है।
यदि बात की जाए पानी संरक्षण की तो उन्हीने अपने खेत मे ट्रेंच बनवा रखी है जो सीधे पानी कुए के पास ले जाती है और जिसे कुआ भी रिचार्ज होता है।
श्री भार्गव का कहना है कि वे अभी कुछ और प्रयोग भी करेंगे जिसे खेती को मशीनों से जोड़ा जाएगा और गोबर ओर गौमूत्र से ही खेत का सारा ख़र्चा निकल जायेगा।श्री भार्गव ने बताया कि बाजार में हर चीज के लिए मशीन बहुत है परंतु उनमे से उचित मशीन ढूंढना ओर उसका उपयोग सही करना आना चाहिए। उनका मुख्य उद्देश्य है कि वे अपने आस पास के किसानों को ये मशीन दिख सके और सस्ती से सस्ती मशीन उनको भी दिलवा सके ताकि क्षेत्र का किसान उन्नत हो और तकनीकों से जुड़कर कृषि को लाभ का धंधा बना सके।
पाठकों को बतादे की राजेन्द्र भार्गव ने आप तक खबरों को निरंतर और शीघ्रता से पहुंचाने के लिए ग्रामीण मीडिया पोर्टल बनवाया है।
ग्राम डोहलन के युवाओं ने गांव को साफ और सुंदर बनाने का जिम्मा उठाया है। गांव को गंदगी मुक्त करने के लिए युवा अब गांव में जिसके घर विवाह समारोह होता है वहां जाकर पत्तल-दोने सहित अन्य कचरे को जमा करने के लिए डस्टबिन भेंट कर रहे हैं। जिससे अब गांव की गलियों में पत्तल-दोने दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा गांव में बारात आने पर बारातियों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। स्पेशल ब्वायज ग्रुप के भावेश बारस्कर, सुनील गावंडे, संजय झोड़, सोनू सोनारे, विजय वागद्रे, सुधाकर महाले, रविंद्र देशमुख, भजन झोड़, सोनू झोड़, वीरेश बारस्कर आदि ने बताया गांव में विवाह समारोह में भोजन कार्यक्रम के बाद पत्तल-दोने को मंडप के पास ही फेंक दिया जाता था। जो उड़कर गांव में फैल जाते थे। प्लास्टिक से बने पत्तल-दोने खाने से मवेशियों की मौत भी हो जाती थी। इसके साथ गांव में गंदगी भी फैलती थी। इसे रोकने के लिए युवाओं ने डस्टबिन तैयार किए हैं। जिसे विवाह समारोह आयोजित होने वाले घर में दे रहे हैं। डोहलन के युवा डस्टबिन देकर गांव को साफ रखने में मांग करते हुए।
ग्राम बिरूल बाजार में पानी की समस्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार को खाली बर्तन लेकर ग्राम पंचायत भवन पहुंचे और जमकर विरोध किया। खाली बर्तन रखकर ग्रामीणों ने नारेबाजी की। 6 हजार आबादी वाले बिरूल बाजार में जल संकट बढ़ता जा रहा है। गांव में 30 दिन में एक बार नल से पानी मिल रहा है। तीन दिन पहले ही गांव के लोगों ने एसडीएम को आवेदन देकर समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई नहीं की गई। आक्रोशित ग्रामवासियों ने प्रदर्शन कर आंदोलन की शुरुआत कर दी है। प्रदर्शन की सूचना पर एसडीएम राजेश शाह गांव पहुंचे। उपसरपंच शांता बाई बनकर, पंच शेख जलील खान, कमलेश डंढारे, सफी खान, राजु निरापुरे, रामराव वाड़बुदे, जायरून खान, किशोर पाटिल ने एसडीएम को समस्या बताई। एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाइश दी। एसडीएम ने ग्राम पंचायत से खेतों के ट्यूबवेल अधिग्रहित कर गांव में पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बिरूल बाजार के ग्रामीणों ने पानी के लिए ग्राम पंचायत के सामने किया प्रदर्शन।
यह है गांव में पानी की स्थिति
क्षेत्र में वाटर सप्लाई के लिए पंचायत के पांच ट्यूबवेल है। भूजलस्तर गिरने के कारण चार ट्यूबवेल सूख चुके हैं। मानक के अनुसार प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर पानी की दर से पूरे गांव में जलप्रदाय के लिए प्रतिदिन 8 लाख लीटर पानी चाहिए। जलसंकट के कारण एक लाख लीटर पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है।