ग्रामीण मीडिया संवाददाता खबर का असर, दिनांक 16 अक्टूम्बर को ग्रामीण मीडिया सेण्टर मुलताई ने जनहित मर घोर पेयजल संकट की स्थिति देखते हुए, डेमो पर नियम विरुद्ध चल रही मोटरों पर प्रतिबंध का समाचार लगाया था। आज चौथिया डेम से रात 3-4 बजे पानी चोरी करने वालो ने आनन-फानन में मोटर,पाईप लेकर भागे। आज विभाग द्वारा संयुक्त टीम जिसमे सिचाई विभाग,राजस्व,पुलिस,विधुत विभाग की टीम कार्यवाही करने वाली थी। उसके पहले ही सब भाग खड़े हुए। पानी का घोर संकट है। जिले में कम बरसात के कारण जिलाधीश बैतुल ने मध्यप्रदेश पेयजल अधिनियम 1986 लागू करने से पेयजल की धारा 3 एवं 4 के अनुसार पानी को पेय जल के लिये सुरक्षित रखा जाता है। जिसके कारण सिचाई अधिनियम 1931 की धारा 54 एवं सिचाई अधिनियम 1974 के नियम 120 के अंतर्गत किसी भी किसान को प्रतिबंधित डेमो से सिचाई का अनुबंध नही हुआ। उसके बाद कुछ किसानों ने चोरी से सिंचाई चालु कर दी। चौथिया पर 40 मोटर, बुंडाला पर 120 मोटर की सूचना थाना मुलताई को सिचाई विभाग ने दी। बिना अनुबन्ध के सिचाई चोरी की श्रेणी में आता है। मध्यप्रदेश पेयजल अधिनियम में धारा 133 में । किसान समझे। पानी अनमोल है। गर्मी में हाल बहुत खराब होंगे। www.graminmedia.com
मुलताई विकास खंड के ग्राम माथनी के युवाओं ने ग्राम विकास के लिए की नई पहल। हम सुधरेंगे जग सुधरेगा। गायत्री माँ के इस प्रेरणा दायक मंत्र को आत्मसात करते हुए। सुबह-सुबह कसरत, ग्राम की दशा और दिशा सुधारने के संकल्प के साथ ग्राम स्वच्छता, अच्छी नोकरी और रोजगार के लिये कोचिंग। इस काम में ग्रामीण मीडिया सेण्टर मुलताई आपके साथ है।
मुलताई क्षेत्र के किसान पत्ता गोभी के भाव से परेशान। 7 रुपए किलोग्राम की पत्ता गोभी के कम हो करके भाव 1 रुपए हो गए है। प्रति दिन लगभग 100 ट्रक गोभी निकलती है। 1 ट्रक में 21 टन माल आता है। मध्यप्रदेश में मुलताई नम्बर वन पर है। प्रति एकड़ लागत 35 हजार आती है। किसानों और ग्रामीण मीडिया सेण्टर मुलताई की मांग है, पत्ता गोभी और दूसरी सब्जिओं के समर्थन मूल्य और भावन्तर सरकार लागू करे। पत्ता गोभी का समर्थन मूल्य 3 रुपए कम से कम हो।
गौर से देखे, ग्रामीण मीडिया सेण्टर मुलताई की ये ग्राउंड रिपोर्ट । ग्राम पंचायत लीलाझर के पेयजल में फ्लोराइट की मात्रा अधिक है। जिसके कारण 80% आबादी प्रभावित है अधिकांश बच्चो के दाँत पर इसका सीधा असर दिखाई देता है।
शासन और प्रशासन का स्वस्थ्य विभाग,लोक स्वास्थ्य यंत्री विभाग ने आज तक इनकी फिक्र नही है। भाजापा के विधायक,सांसद और संगठन के पदाधिकारी , पक्ष और विपक्ष केवल चुनाव में सक्रिय होते है। इनके इस हाल का स्थाई ईलाज के लिये किसी के पास समय नही है। ग्रामीणों ने परेशान हो करके चुनाव में नोटा और मूलभूत सुविधाओं के लिये जनहित याचिका को आधार बनाया है। देखे ,,,,
सुने, परेशान वाहन स्वामी की गाथा। मोटर व्हीकल एक्ट 1867 के अनुसार मध्यप्रदेश का RTO कार्यलय काम करता है। समय-समय पर विधान सभा में जनहित और लोकहित में इसमें नियनुसार संशोधन होते है। अधिकारी इन को तरोड मरोड़ करके अपने स्वविवेक से उनके अर्थ का अनर्थ करके तुगली फरमान जारी करते है। जिससे की वाहन मालिको को आर्थिक और मानसिक कष्ट की आड़ में परेशान होते है। इस परेशानी से बचने के लिये देना होता है, सेवा शुल्क। सुने मुलताई के एक वाहन स्वामी की परेशानी।
जागमत अब तेरी बारी आई, किस की कीमत पर किसका विकास। विधान सभा आमला का उपेक्षित ग्राम लीलाझर में प्रजातन्त्र की मजबूती की दिशा में एक नई पहल। ग्राम वासियो ने जानकारी में बताया कि, मूलभूत आवश्यकताओं नही मिलने के कारण ग्राम वासियो चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की थी। ग्रामीण मीडिया सेण्टर मुलताई की समझाई के बाद 100 % मतदान की बात तय हुई। अब बहिष्कार नही नोटा दबाएंगे। आमला विधान सभा पिछले चुनाव 2013 में भाजापा के पक्ष में मध्यप्रदेश में दुसरा नम्बर था। पहला शिवराज सिंह चौहान और दूसरा चैतराम मानेकर का था। उसके बाद 5 साल में मतदाता चुनाव के बहिष्कार का मन बना रहा है। विचारणीय प्रश्न है। संगठन विचार करे।
ग्राम सड़क,फोलोरेट पानी,पेयजल की समस्या,सिचाई के लिये डेम को लेकर नाराज है। विधायक जी की उपेक्षा से गुस्सा है। ग्राम की 80 % बच्चो के दाँत फोलोरेट से खराब है।