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ग्रामीण मीडिया सेण्टर| मुलताई
बैतूल| बीजादेही थाने के खरवार गांव में एक युवक ने घर में अकेली विवाहिता के साथ दुष्कर्म किया। महिला ने बीजादेही थाने में इसकी शिकायत की है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक पर मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी चंद्रमोहन मर्सकोले ने बताया रात में महिला अपने घर में पीछे के कमरे में सो रही थी। महिला का पति शादी में गया था। महिला को अकेला पाकर गांव का हरकिशोर गोलान 25 वर्ष उसे मुंह दबाकर बाड़ी में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी फरार फरार है।
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बुजुर्ग बोला- नाबालिग नातिन को घर से उठाकर ले गए दबंग, नकदी और जेवर भी ले गए
बुजुर्ग बोला- नाबालिग नातिन को घर से उठाकर ले गए दबंग, नकदी और जेवर भी ले गए |
बैतूल |
| चिचोली थाने के हर्रा गांव के एक बुजुर्ग ने सोमवार को कलेक्टर शशांक मिश्र एवं एसपी डीआर तेनीवार को एक ज्ञापन सौंपकर चिचोली पुलिस पर नाबालिग के अपहरण के मामले में सांठगांठ कर मामले को रफा-दफा करने का आरोप लगाया। बुजुर्ग लक्ष्मण ने आवेदन में बताया उनकी 15 वर्षीय नातिन को थाना मोहदा निवासी फूका पिता खड्डू, लाठा पिता लोधो, मुकेश पिता टिल्लू ने 20 मार्च को जबरदस्ती घर में घुसकर अपहरण कर लिया। घर में रखें चांदी के जेवर सहित नकदी 40 हजार भी चुरा लिए। इसकी शिकायत चिचोली थाने में की लेकिन पुलिस ने आरोपियों से सांठगांठ कर मामले को रफा-दफा कर दिया। आरोपियों ने नातिन को 2 माह से जबरदस्ती अपने साथ रखा है। कलेक्टर एवं एसपी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। |
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ग्रामीण मीडिया सेण्टर| मुलताई
प्रभातपट्टन-वरूड़ मार्ग पर सोमवार को दोपहर में चलती कार में अचानक आग लग गई। आग लगते ही कार में सवार दो लोगों ने बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ ही देर में कार पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। महाराष्ट्र के वरूड़ निवासी शमीम उद्दीन काजी रिश्तेदार शहीद कुरैशी के साथ से दोपहर में मुलताई से वरूड़ जा रहे थे।
गर्मी अधिक होने से कार का एसी चालू था। सदाप्रसन्न घाट में अचानक एसी में से धुआं उठने लगा। एसी के पास से आग की लपटे उठने लगी तो शमीम उद्दीन और शहीद ने कार को रोका और गेट खोलकर कूद गए। इसके बाद आग भभक गई। देखते ही देखते आग ने कार को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया। सूचना पर प्रभातपट्टन चौकी से पुलिस और नगर पालिका की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही कार पूरी तरह से जल गई थी।
सड़क पर जलती रही कार रूके वाहनों के पहिए
सदाप्रसन्न घाट पर सड़क पर कार जलने से दोनों ओर वाहनों के पहिए थम गए। घाट में पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में सभी आग बुझने का इंतजार करते रहे। आग से कार में धमका होने के डर से कोई भी उसके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा रहा था। लगभग आधे घंटे तक कार जलते रही। फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर आग को बुझाया। इसके बाद मार्ग से वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई।
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मजदूर के बेटे ने जिले में किया टॉप
खापा गांव के मजदूर के बेटे ने हायर सेकंडरी में कला संकाय में जिले में टॉप किया है। शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल खंडारा के छात्र नरेश पिता पारधी वाडिवा ने कला संकाय में पहला स्थान प्राप्त किया है। नरेश ने बताया माता-पिता की इतनी अाय नहीं थी कि वह मुझे पढ़ा पाते। इसलिए मामा के घर खंडारा में रहकर पढ़ाई की। रोज सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करते थे। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण कहीं कोचिंग नहीं लगाई थी। घर पर ही पढ़ाई करता था। आगे बीए की पढ़ाई कर आईएएस की तैयारी करना चाहता है।
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शोभापुर की घटना: नल आने के इंतजार में ट्रक की छांव में बैठी थीं महिलाएं |
15 दिनों से 1 ही स्थान पर खड़ा था ट्रक, आंगनबाड़ी के लिए पानी भरने आई थी सहायिका
शोभापुर की टट्टा कॉलोनी में नल के आने का इंतजार करने महिलाएं ट्रक के नीचे छांव में बैठ गईं। इस बीच ट्रक अचानक चल पड़ा और नीचे बैठी आंगनबाड़ी सहायता समेत दो महिलाएं टायर में कुचल गई। घटना के बाद लोगों ने एक महिला को टायरों के नीचे से उठाकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। जबकि एक का सिर पूरी तरह कुचल गया था। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया। शोभापुर कॉलोनी के वार्ड 30 में दोपहर 2 बजे महिलाएं नल आने का इंतजार कर रहीं थी। नल के पास 1 ट्रक खड़ा था। धूप तेज होने के कारण महिलाएं ट्रक के नीचे छांव में बैठ गईं। इस दौरान कुछ युवक ट्रक में चढ़े और इसे प्रेशर के लिए तैयार कर रहे थे। ट्रक अचानक चालू हा़े गया और चलने लगा। नीचे बैठी सुप्रिया पत्नी गोपाल राय (32) की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। टायर में उसका सिर कुचल गया। आंगनबाड़ी सहायिका प्रेमलता पत्नी बलवंत पांसे (36) को खींचकर बाहर निकाला। उसे अस्पताल पहुंचाया यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतिका सुप्रिया के दो बच्चे हैं वहीं प्रेमलता की दो बेटियां और एक बेटा है। सोमवार को वह आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए ही पानी लेने आई थी। मृतिका सुप्रिया मृतिका प्रेमलता सारनी। टट्टा कॉलोनी में ट्रक दुर्घटना के बाद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। ट्रक चलने लगा तो हम भागे और बचाई जान नल से पानी भरने के लिए हम सब यहां बैठे हुए थे। कुछ लोग पानी भर रहे थे कुछ इंतजार कर रहे थे। चूंकि ट्रक कई दिनों से खड़ा था इसलिए चल पड़ेगा इसका कोई अंदेशा नहीं था। ट्रक की छांव में बैठे ही थे कि गौतम और रंजीत ट्रक के अंदर चढ़े। ट्रक चालू हुआ तो लगा हिल रहा है। मैं और राजकुमारी धुर्वे दौड़कर बाहर निकल गईं। लेकिन प्रेमलता और सुप्रिया यहां फंस गए। ट्रक रुका तो तुरंत प्रेमलता को बाहर निकाला। उसमें जान बाकी थी। कालीमाई से आए लालू भैया ने उन्हें स्कार्पियों से अस्पताल ले गए। घटना अचानक कैसे हो गई पता ही नहीं चला। पार्वती बिसंद्रे, घटना की प्रत्यक्षदर्शी
ट्रक जब्त कर लिया है घटना के बाद ट्रक जब्त कर लिया है। लोगों के बयान लिए जा रहे हैं। घटना में ट्रक चला कैसे इसकी जानकारी हासिल की जा रही है। चलाने वालों का पता किया जा रहा है। इसकी बाद केस दर्ज होगा। फिलहाल शवों का पीएम कर परिजनों को सौंप दिया है। गोविंद सिंह राजपूत, चौकी प्रभारी, पाथाखेड़ा | |
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ग्रामीण मीडिया सेण्टर|
लगन हो तो लक्ष्य हासिल करने के रास्ते में आने वाली मुश्किलें भी आसान हो जाती है। विषय कोई भी पढ़ाई कुछ भी की हो लेकिन मन में ठान लो तो कुछ भी करना आसान नहीं। बैतूल के बीए हिस्ट्री के स्टूडेंट मानव तिवारी और बीसीए के स्टूडेंट आशीष धोटे ने इन दिनों गूगल प्ले स्टोर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। डिजिटल से प्रेरित मानव और आशीष अब एप और वेबसाइट डवलपर बन गए हैं। इंजीनियरिंग और वेब डिजाइनिंग की मंहगी पढ़ाई किए बिना ही 6 उपयोगी मोबाइल एप और वेबसाइट बना ली हैं। दोस्तों के पास अपना काम शुरू करने इतने रुपए भी नहीं थे कि नया कंप्यूटर ला सकें। जुगाड़ से असेंबल किए कंप्यूटर पर फरवरी से अब तक 6 एप डिजाइन किए गए हैं। तीन माह के कम समय में तीन सौ से ज्यादा यूजर इस एप को डाउनलोड कर चुके हैं।
मानव और आशीष ने जुगाड़ से बनाए 6 मोबाइल एप
अमेजन-फ्लिपकार्ट से किया टाईअप, यू ट्यूब से सीखकर बनाया कंप्यूटर
यू ट्यूब से ट्रेनिंग कर जुगाड़ के कंप्यूटर पर बने एप
मानव और आशीष ने एप बनाने का प्रशिक्षण यू ट्यूब पर लिया। दोनों के पास नया कंप्यूटर लेने रुपए नहीं थे। मानव ने बताया नया काम करने मां से रुपए मांगे तो केवल 5 हजार रुपए मिले। फिर आशीष के साथ मिलकर सेकंड हैंड सीपीयू लिया। एक दोस्त से कंप्यूटर का पुराना मॉनीटर लिया, एक अन्य दोस्त से की -बोर्ड लिया। दो सप्ताह में कंप्यूटर असेंबल करने के बाद फरवरी 2018 में एप डिजाइन करना शुरू किया।
शॉपिंग एप से टाईअप
मानव और आशीष ने अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के साथ टाईअप भी किया है। वें विभिन्न कंपनियों से ऑफलाइन सामग्री खरीदकर इन्हें अमेजन और फ्लिपकार्ट कंपनी के माध्यम से विक्रय कर रहे है।
एमआई ब्राउज़र लाइट एप- केवल 5 एमबी के इस सर्च इंजन में होम पेज पर प्रमुख साइट की टेग होने से यह उपयोग में आसान है।
आरटीओ व्हीकल इन्फो एप- इस एप से गाड़ियों के नंबर डालकर सीधे पहचान की जा सकती है।
आरआरबी ग्रुप डी एग्जाम 2018- रेलवे परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग की तरह यह एप तैयार किया गया है।
ऑल इंडिया रिजल्ट एप- देश भर की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के रिजल्ट एक जगह पर उपलब्ध हैं।
वाट्सएप एटीट्यूड स्टेटस एप- स्टेटस डालने के लिए लोकप्रिय और पसंद किए जाने वाले स्टेटस इस एप पर हैं।
लव कैलकुलेटर - मनोरंजन के लिए युवाओं को यह एप खासा पसंद आ रहा है। www.graminmedia.com
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अच्छी पहल, ग्राम बरई के ग्रामीणों ने घर से निकलने वाले गंदे पानी से उगाई सब्जियां
ग्राम बरई के ग्रामीणों ने निस्तार के पानी से तैयार की बागवानी। ग्रामीणों ने घरों से निकलने वाले निस्तार के पानी का भी उपयोग करते हुए बागवानी तैयार कर ली। 250 घरों की बस्ती में 80 से अधिक घरों के पीछे सब्जियों और फलों की बागवानी तैयार है। जिनके घर के पीछे बागवानी के लिए जगह नहीं है उन्होंने निस्तार के पानी से भूमिगत जलस्तर बढ़ाने के लिए उपयोग किया है।
निस्तार के पानी से बागवानी तैयार करने वाले किसन पठाडे, सुरेश बोबड़े, चंद्रशेखर बोबड़े, रमेश वरवड़े, नारायण सिंह रघुवंशी, दिलीप पाठेकर आदि ने बताया ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के नारायण पवार और उन्नत शील किसान राजेंद्र भार्गव ने एक साल पहले पानी का महत्व बताया। जिसके बाद ग्रामीणों ने निस्तार के पानी से बागवानी तैयार करना शुरू की। अधिकांश मकानों के पीछे बागवानी तैयार हो गई है।
जल संकट से जूझने के बाद पता चला महत्व
ग्राम बरई में एक साल पहले तक पानी की समस्या थी। आधा गांव ढलान में और आधा ऊंचाई पर बसा होने से नल जल योजना से पानी सभी के घरों तक नहीं पहुंच पाता था। ऐसे में ग्रामीणों को जलसंकट का सामना करना पड़ता था। जल समस्या के निदान के लिए विकेंद्रीय करण नियोजन योजना के तहत ग्राम पंचायत ने संपूर्ण अधिकार ग्राम की जल समिति को दिए। समिति ने गांव के ऊंचाई वाले स्थान पर टंकी बनाने का निर्णय लिया। जनभागीदारी से टंकी बनाने के लिए 50 प्रतिशत राशि और योजना मंडी से 50 प्रतिशत राशि से दो लाख लीटर क्षमता वाली टंकी बनाई। इसके बाद ग्रामीणों ने पानी का महत्व समझा और निस्तार के पानी का भी उपयोग करने लगे।
साल भर मिलती है ताजी और हरी सब्जी
ग्रामीण पंजू परिहार, शिवजी परिहार, सतीष भादे, लखन भादे, सोमजी खवसे, नारायण पवार, लक्ष्मण पवार, देवका देव्हारे आदि ने बताया बर्तन, कपड़े धोने, स्नान करने के बाद मकान के पीछे बहने वाले पानी को व्यवस्थित किया। इस पानी को घर पीछे खाली जगह में फैलाकर सब्जी, फल और फूल के पौधे लगाए। निस्तार के पानी से रोज इनकी सिंचाई होने लगी। जिससे सब्जी और फूल उगने लगे। अब घर के लिए सालभर ताजी सब्जी मिलने लगी है। जिससे सब्जी खरीदने का खर्च भी बच गया है।
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