थाना प्रभारी मुलताई ने ताप्ती शोभायात्रा यात्रा के दौरान खुद को फटाके की लंबी लड से कैसे बचाया। पहले फटाके की लड सुरक्षा की दृष्टि से मना किया। युवाओं ने आदेश की अवमानना करते हुए लड में आग लगा दी। विपरित हालत में थाना प्रभारी ने एक दुकान में जा कर खुद को सुरक्षित किया। भीड़ बहुत थी, अप्रिय घटना हो सकती थी। युवाओं को भीड़ और डिजे साउंड का नशा लग रहा था। ग्रामीण मीडिया सेंटर मांग करता हैं कि इस प्रकार के कार्यक्रम में फटाको प्रतिबंध हो। घटनास्थल के पास मस्जिद थी।
गुजरात के श्रद्धालु भी लाए 151 मीटर लंबी चुनरी 351 मीटर लंबी चुनरी लेकर लगाई परिक्रमा
दोपहर 12 बजे, मां ताप्ती के जन्म के समय महाआरती द्वार से माता की चुनरी यात्रा निकली। 351 मीटर लंबी चुनरी लेकर श्रद्धालुओं ने ताप्ती सरोवर की परिक्रमा लगाई। गुजरात से भी माता के भक्त 151 मीटर लंबी चुनरी लेकर पहुंचे थे। ताप्ती सरोवर की परिक्रमा कर सरोवर में चुनरी भेंट की।
मां के दर्शन के लिए जो आया भूखा नहीं लौटा मां ताप्ती का जन्मदिन मनाने जो भी भक्त नगर में पहुंचा भूखे पेट नहीं लौटा। ताप्ती सरोवर के तट से नगर की सीमा तक जगह-जगह भंडारे हुए। नगर में लगभग डेढ़ सौ स्थानों पर माता के भक्तों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। मां के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को जगह-जगह भोजन प्रसादी प्राप्त हुई। रेलवे स्टेशन मार्ग पर सामाजिक, धार्मिक सहित विभिन्न संगठनों ने प्रसादी का वितरण किया।
युवाओं ने लगाई सरोवर की दंडवत परिक्रमा सुबह आरएसएस और नगर के युवाओं ने ताप्ती सरोवर की दंडवत परिक्रमा लगाई। युवाओं का उत्साहवर्धन करने बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए। सुबह 8 बजे से ताप्ती मंदिर के सामने से दंडवत परिक्रमा शुरू हुई। आठ एकड़ में फैले ताप्ती सरोवर की दंडवत परिक्रमा डेढ़ घंटे में पूरी हुई।
मुलताई एवं सूरत| मां ताप्ती का जन्मोत्सव उद्गम स्थल मुलताई से समागम स्थल भड़ूस (गुजरात) के पास सूरत तक भव्य रूप से मनाया गया। गुरुवार को शाम 4 बजे से नानपुरा स्थित नावडी तट (सूरत) पर चढ़ाई गई। इस अवसर पर बैंड-बाजे के साथ तापी माता की भव्य आरती की। इसके साथ ही भक्तों द्वारा माता को 108 मीटर लंबी चुनरी चढ़ाई गई। इससे पूर्व मां तापी के उद्गम से समागम तक के सात ऐतिहासिक तीर्थ स्थलों पर चुनरी महोत्सव के साथ रिंग रोड स्थित सभी मार्केट एसोसिएशन को तापी जल पात्र वितरित किए। साथ ही गुरुवार को सभी स्थलों पर तापी शुद्धिकरण की शपथ ली।
मुलताई| आषाढ़ शुक्ल सप्तमी पर गुरुवार को मां ताप्ती का जन्मोत्सव मनाने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर में पहुंचना शुरू हो गया था। मां ताप्ती की एक झलक पाने के लिए मंदिर में सुबह 5 बजे से देर रात तक भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने मां ताप्ती की पूजा कर सुहाग सामग्री से गोद भरी। माता के दर्शन के लिए मप्र के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ से भी श्रद्धालु पहुंचे। सुबह 4 बजे से ताप्ती सरोवर में श्रद्धालुओं ने माता के जयकारे के साथ डुबकी लगाई। सुबह पांच बजे माता के पूजन के साथ अनुष्ठान शुरू हुआ। 8 बजे मां ताप्ती जन्मोत्सव समिति के विश्वनाथ विहिते, पुरुषोत्तम अग्रवाल, गोवर्धन खंडेलवाल, अजय यादव राजेंद्र भार्गव,बिहारी सोनी सहित अन्य सदस्यों के साथ नपा अध्यक्ष हेमंत शर्मा सहित अन्य भक्तों ने माता की प्रतिमा का 351 लीटर दूध से अभिषेक किया। दिनभर ताप्ती तट पर मां के जयकारे गूंजते रहे।
बैतूल के करीबी गांव परसोड़ी में एक महिला की दुराचार के बाद हत्या कर दी गयी। आज महिला का अर्धनग्न हालत में रक्त रंजीत शव मिला है । पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल से महिला के शव का परिक्षण करवाया है।जिसमे महिला के साथ दुष्कर्म की तस्दीक हुई है। महिला की उम्र 55 साल के आस पास बताई जा रही है । फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जाँच शुरू कर दी है । महिला की बड़ी बेटी ने बताया की उसकी माँ दो महीने पहले ही सिंघनवाड़ी गांव में एक खेत में काम करने गई थी वो खेत में बनी झोपडी में अकेले ही रहती थी और खेती बाड़ी का काम करती थी । माँ और हम दो बहनो को 30 साल पहले उसके पिता छोड़कर चले गए थे जिसके बाद से उसने ही दोनों की परवरिश की । मृतक महिला की बड़ी बेटी सुनीता ने बताया की आज सुबह ही खेत मालिक का फ़ोन उसे आया जिसके बाद वह पुलिस के साथ घटना स्थल परसोड़ी पहुची जहा उसकी माँ का शव खून से सना पड़ा था उसकी माँ के शारीर पर कई जगह चोट के निशान भी है और उसके शरीर पर कपडे नहीं थे जिससे लग रहा है की उसके साथ किसी ने गलत काम करने के बाद उसे मार डाला । सुनीता ने बताया की उसकी माँ मानसिक रूप से कमजोर थी और वह शराब भी पीती थी । वही बैतूल बाजार पुलिस ने मर्ग कायम कर जाँच शुरू कर दी है । पुलिस के मुताबिक महिला के साथ दुराचार से इंकार नहीं किया जा सकता क्योकि महिला के शरीर पर कपडे नहीं थे लेकिन पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ पुख्ता रूप से कहा जा सकता है हमने एफएसएल टीम से की घटना स्थल की जाँच करवाई है ।इधर देर शाम आयी पीएम रिपोर्ट में महिला के साथ दुराचार की पुष्टि हो गयी है।लेकिन इसे अभी सार्वजनिक नही किया गया है।
संपूर्ण जगत का ताप और पाप हरण करने पृथ्वी पर आषाढ़ शुक्ल सप्तमी को दोपहर 12 बजे मां ताप्ती का अवतरण हुआ। मां ताप्ती का उद्गम स्थल मुलताई है। 19 जुलाई को मां ताप्ती के जन्मोत्सव के लिए ताप्ती सरोवर रोशनी से जगमगा उठा है। सुबह 8 बजे मां ताप्ती मंदिर में पूजन और अभिषेक होगा। दोपहर में शोभायात्रा और शाम 7 बजे सामूहिक अभिषेक कर आरती होगी। जानिए मां ताप्ती की उत्पत्ति स्कंद पुराण में तापी महात्म्य में ताप्ती उत्पत्ति का वर्णन है। ब्रह्मदेव ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की तब जगत अंधकारमय था। इसे दूर करने ब्रह्मदेव ने मानस पुत्र सूर्य को उत्पन्न किया। जिससे पृथ्वी पर ताप बढ़ा। सूर्य के पसीने की बूंदें गिरीं और तापी का अवतरण हुआ। सुबह मां ताप्ती मंदिर में पूजा-अभिषेक, दोपहर में शोभायात्रा व शाम को सामूहिक अभिषेक कर होगी आरती, सूर्य के पसीने की बूंद पृथ्वी पर गिरने से हुआ था अवतरण 21 कल्पों में मां तापी के नाम सत्या सत्योद्भवा श्यामा कपिला कपिलांबिका तापिनी तपनह्दा नासत्या नासिकोद्भवा सावित्री सहस्त्रकरा सनकामृतसयंदिनी सूक्ष्मा सूक्ष्मतरमणी सर्पा सर्वविषपहा तिग्मा तिम्मारया तारा ताम्रा तापी-विश्रुता। मां ताप्ती का परिवार सूर्यदेव की दो पत्नी संज्ञा एवं छाया हंै। छाया द्वारा उत्पन्न- शनि, तापी, यमराज, यमुना, भद्रा, सावित्री। संज्ञा द्वारा उत्पन्न- श्राद्ध देव, मनु, व्यक्तिपान, कुलिका, अर्धयाय। मां तापी का विवाह सोम वंश के राजा संवरण के साथ हुआ है। इनसे मां तापी को कुरू नाम का पुत्र हुआ। 730 मीटर (2395 फीट) समुद्र तल से ऊंचाई। 740 किमी (460 मील) लंबाई।3.517 हेक्टेयर (8.69 एकड़)सरोवर का क्षेत्रफल।04 ताप्ती पर कुल जलाशय।190 किमी बैतूल जिले में प्रवाह। www.graminmedia.com
जिला अस्पताल के वार्ड नंबर 3 के टॉयलेट में बुधवार को एक नवजात बच्चे का शव मिलने से हड़कंप मच गया । जिला अस्पताल के महिला सर्जिकल वार्ड में टॉयलेट सीट के अंदर नवजात बच्चे का शव मिला है । नवजात के शव मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने वार्ड में मरीजों से नवजात बच्चे के बारे में जानकारी ली लेकिन किसी को बच्चा कहा से आया इसकी जानकारी नही थी। वही जिला अस्पताल के डॉक्टर रानू वर्मा और स्टाफ के मुताबिक घटना बुधवार दोपहर 3 बजे की है जब नर्सिंग स्टाफ को टॉयलेट में नवजात पड़े होने की सुचना मिली थी जिसके बाद स्टाफ ने हॉस्पिटल पुलिस चौकी को सूचना दी गई । डॉक्टर के मुताबिक महिला सर्जिकल वार्ड में गर्भवती महिलाओ को नहीं रखा जाता है उनके लिए एनसी (ANC) वार्ड है जहा गर्भवती महिलाओ को रखते है इस मामले से यही लग रहा है की कोई बाहरी व्यक्ति नवजात को टॉयलेट में डाल कर चला गया हो । वही अस्पताल चौकी ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और घटना के हर पहलुओ के बारे छानबीन कर रही है ।