ग्रामीण मीडिया सेण्टर
मुलताई में बरसात के पूर्व प्रति वर्षा अनुसार इस वर्ष भी थोड़ी सी आंधी चली। जिसमे गांव गांव और नगर नगर अँधेरा छाया गया। कारण जाना तो पत्ता चला की हर जगह नवनिर्मित विधुत पोल ताश के पत्तो की तरह गिर गए है। सुधार के लिए कर्मचारी कम और काम है भरी। जिससे की आम जान जीवन प्रभावित हो गया। विधुत विस्तारी करन के काम में भारी लापरवाही और भरष्ट्राचार के कारण ठेकेदार ने भारी भारी और लम्बे लम्बे सीमेंट के पोल काली मिट्टी में जैसे किसान खेतो में बल्ली गाड़ता है ठीक वैसे ही गाड दिय। सीमेंट कांक्रीट का आता पता नहीं है। गहरा भी मामूली है। विधुत विभाग के सेवानिवृत अधिकारी, लाईन मेन और विभागी ठेकेदार ने अपने अपने हिसाब से स्टीमेंट को ताक पर रख करके। गांव गांव घर घर लाईट पहुंचा दी। लाखो क्या करोडो का काम भी हो गया। पोल खुली उनकी पहली वर्ष गाठ। परेशान है लोग।
उपरोक्त हालत का शिकार मुलताई नगर से सांडिया गांव 24 घंटे की लाइट के तीन पोल कल हवा के झोके से गिरें ही नहीं गुणवत्ता अभाव में तुड़ करके सामने वाली लाइन पर गिर गए है। जिससे की मुतलाई नगर की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई है। विधुत विभाग में नौ लाख दे करके ये लाईन एक साल पहले लगाईं भी जो अपने शिशुकाल में ही धराशाही हो गई है। आम जनता और ग्रामणी परेशान है। इस की जांच हो तो अरबो रुपयों का घोटाला उजागर होगा है। प्रदेश सरकार इस और भी ध्यान दे। अब दिन कम है। नियम कायदो को पूरी तरह ताक पर रख करके ये काम होते है। आम आदमी ,नेता और पत्रकार इस और कम ही देखते है। इस विभाग में क्या क्या होता है। अगर पता भी लग जाए तो मौसम को दोष क्या करे मौसम के कारण। इनके में लाइन के तार जमीन पर जूझ रहे है। आपस में कभी मिल जाने से लाइट आफ वोल्टेज कम ज्यादा।
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