ग्रामीण मीडिया सेण्टर|
| गरीबों को पांच रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध करवाने के लिए एक साल पहले 7 अप्रैल 2017 को दीनदयाल रसोई योजना शुरू की थी। दूसरे जिले में योजना ने दम तोड़ दिया, लेकिन बैतूल में सात माह तक लगातार घाटे में चलने के बाद भी शहर के दानदाताओं की मदद से रसोई योजना का सफल संचालन किया। 1 साल में 596 दानदाताओं ने 13.69 लाख से अधिक का दान देकर 1.86 लाख गरीबों को भोजन कराया। शनिवार को योजना के एक साल पूरे होने पर दानदाताओं को सम्मानित किया जाएगा। शहर के सदर रैन बसेरा में पं. दीनदयाल रसोई योजना को संचालित करने के लिए समिति का गठन किया था। विश्वकर्मा समाज समिति के सदस्य एक साल से रसोई का सफल संचालन कर रहे हैं। इस रसोई में प्रतिदिन 500 से 600 लोग पेट भरते हैं। शुरुआती समय से ही दीनदयाल रसोई में लगातार घाटा हो रहा था। इसके बाद संचालन समिति ने लगातार वाट्स एप और मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। इसके बाद लोग दान देने के लिए सामने आने लगे। जन्मदिन, पुण्यतिथि से लेकर विवाह समारोह के कार्यक्रम में भी लोग खुलकर दान करने लगे। इस कारण दीनदयाल रसोई का चूल्हा हमेशा जलते रहा। दूसरे जिलों में यह योजना दम तोड़ चुकी है, लेकिन बैतूल के जागरूक लोगों की मदद से एक साल तक रसोई का चूल्हा जलता रहा। रसोई में इस तरह आई आवक 1 लाख 86 हजार 67 लोगों के भोजन से आवक- 9 लाख 30 हजार 385 596 दानदाताओं ने दिया दान- 13 लाख 69 हजार 490 खाली बारदाने व कैन से 5500 रुपए आए कुल आवक: 23 लाख 5 हजार 375 रुपए कुल खर्च: 24 लाख 92 हजार 677 रुपएदीनदयाल रसोई योजना में अब तक विधायक हेमंत खंडेलवाल ने सबसे अधिक दान दिया है। स्वयं के जन्मदिन, पिता की पुण्यतिथि व जन्मदिन पर विधायक ने दीनदयाल रसोई में एक साल में एक लाख रुपए का दान किया। इसके अलावा बोहरा समाज ने 53 हजार का दान दिया। अन्य समाज के लोगों तथा आम लोगों ने भी खुलकर दान किया। |
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1 लाख 86 हजार 67 लोगों के भोजन से आवक- 9 लाख 30 हजार 385
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